आज पूरी दुनिया में फीफा वर्ल्ड कप 2026 का शोर हर तरफ मची हुई है। चारों तरफ सिर्फ फुटबॉल प्रेमियों की नजरे मैदाने पर टिकी हुई है। वैसे तो भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम इस साल फीफा वर्ल्ड कप में जगह नहीं बना पाई है। लेकिन इसके बावजूद भी एक ऐसा सितार उभरते हुए, सभी लोगों के सामने आ रहा है। जिसे हर भारतीय एवं फुटबॉल प्रेमि केरल वासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। उसका नाम है, तहसीन मोहम्मद जमशीद (Tahsin Mohammed Jamshid)

मात्र 19 साल के इस युवा खिलाड़ी ने कतर की फुटबॉल टीम में शामिल, अपनी जगह बनाकर इन्होंने इतिहास रच दिया है। वह इस फुटबॉल फीफा वर्ल्ड कप की खास टीम में चुने जाने वाले यह भारतीय युवा के पहले खिलाड़ी एवं मलयाली फुटबॉलर बन चुके हैं। तो आईए हम इस आर्टिकल में इनकी कहानी पूरी विस्तार से जानते हैं।
तहसीन मोहम्मद जमशीद की जीवनी, उनके संघर्ष एवं फुटबॉल करियर की कामयाबी की कहानी कहानी जानेंगे।
पूरी जानकारी
- पूरा नाम – तहशीन मोहम्मद जमशीद
- जन्मतिथि – 16 जून 2006
- जन्म स्थान – दोहा, कतर
- उम्र – 19 वर्ष लगभग
- पिता का नाम– थाचनकुंडी
- माता का नाम – शाइमा
- जाती/ कास्ट – मुस्लिम
- रंग – काफी गोरा रंग
- जर्सी नंबर – उपलब्ध रोस्टर टीमों के अनुसार अलग-अलग
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तहसीन मोहम्मद जमशीद का जीवन परिचय
तहसीन मोहम्मद जमशीद– का जन्म कतर की राजधानी दोहा में हुआ था। भले ही इनका जन्म कतर हुआ है। लेकिन इनका दिल पूरी तरह से भारत के केरल राज्य जुड़ी है। यह केरल के कन्नूर जिले के थैलेसिरी (Thalassery) के रहने वाले एक सिंपल एवं साधारण परिवार से आते हैं। यह बचपन से ही खेलने कूदने में बहुत चंचल थे। जब यह करीब चार या पांच साल के थे। तब से यह फुटबॉल खेलना बहुत पसंद करने लगे। और एक दिन अपने देश के लिए खेलना चाहते थे।
इनके पिता जमशीद थाचनकुंडी, अपने कॉलेज के एक बेहतरीन फुटबॉलर खिलाड़ी हुआ करते थे। उन्होंने कालीकट यूनिवर्सिटी फुटबॉल टीम का चयन किया था। लेकिन इनके पिता के पैर में गंभीर चोट लग जाने के कारण यह फुटबॉलर नहीं बन पाए। इनका सपना अधूरा रह गया। साल 1996 में काम की तलाश में अपनी पत्नी शाइमा के साथ कतर चले जाते हैं। कुछ सालों बाद वही की नागरिकता लेकर वह अपने परिवार के साथ स्विफ्ट ह गए।
फुटबॉल करियर का शुरुआती सफर
जब मोहम्मद तहशीन अपने पिता से एक दिन बोलते हैं। कि मैं बड़ा होकर फुटबॉलर बनना चाहता हूं। तब उनके पिता ने अपने बेटे को लेकर दोहा के पास वाले फुटबॉल स्टेडियम के मैदान में जाते हैं। और वहां पर अपने बेटे को बेहतरीन खेलता देख, उन्होंने अपने मन में यह बात ठान ली कि मैं मेरा बेटा बहुत बड़ा फुटबॉलर बनेगा। जो सपना मैं अपनी गंभीर चोट के कारण पूरा नहीं कर पाया था। वह सपना मेरा बेटा पूरा करेगा।
मोहम्मद तहशीन के पिता अपने बेटे को रोज फुटबॉल के मैदान में ट्रेनिंग करने ले जाने लगे वह कम से घर आते और तुरंत अपने बेटा को साथ ट्रेनिंग पर चले जाते। पूरी मेहनत और लगन के साथ तहशीन की दौड़ने की स्पीड और फुटबॉल पर सही नियंत्रण, खेल की समझ ने उनको बहुत मजबूत बना दिया। वह सभी फुटबॉल प्लेयर से बहुत ही अलग एवं एडवांस गये थे।
इंस्पायर अकादमी तहशीन को बनाया रातों-रात स्टार
तहशीन जमशीद के करियर में सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट तब सामने आया जब उन्हें कतर की पिच पर सबसे बड़ी इंस्पायर अकादमी में मिली एंट्री। हम आपको बता देना चाहते हैं। कि यह इंस्पायर अकैडमी दुनिया का सबसे बड़ा और बेहतरीन फुटबॉल स्पोर्ट्स ट्रेनिंग स्टेटस में से एक है। कतर ने अपनी नेशनल फुटबॉल टीम को सबसे मजबूत करने तथा 2022 फीफा वर्ल्ड कप के लिए इस अकादमी में सबसे बेहतरीन कोचों को चुना गया था।
इस अकादमी में कड़ी मेहनत, अपनी पूरी लगन के साथ तहशीन ने खुद को चमकाया। यहां पर इनको अंतरराष्ट्रीय की सुविधा सही डाइट और ट्रेनिंग मिली। तब इनको दुनिया के बेहतरीन युवा खिलाड़ी के साथ खेलने का मौका मिला। इसी अकादमी से खेलकर रातों-रात प्रोफेशनल खिलाड़ी मैं बदल दिया।
जूनियर टीम से सीनियर टीम तक का सफर
अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, तहशीन के सबसे बड़े और सफल टीम फुटबॉल में से एक अल- दुहैल एससी (AL – Duhail SC) टीम में सेलेक्ट कर लिया गया। यहां पर इनका खेलने का अंदाज, तरीका काफी तेजी से ऊपर चढ़ता चला गया।
- इतिहास रचा : सिर्फ 17 साल की उम्र में कतर की सबसे बड़ी फुटबॉल टीम में सिलेक्शन हुआ। वे इस लीग में खेलने वाले पहले भारतीय युवा खिलाड़ी बने।
- अंडर 16 और अंडर 17 : उन्होंने कई जूनियर मैच खेले लगभग कई मैचों में बहुत सारे गोल किए
- • अंडर 19 : टीम से खेलते हुए उन्होंने कतरी फुटबॉलर के मुख्य कोच का ध्यान अपनी और खींचा।
सीनियर टीम में हुआ चयन तहशीन के जीवन का सबसे ज्यादा खुशी वाला दिन जून 2024 को मिला। तब इनको अफगानिस्तान के खिलाफ, फीफा विश्व कप क्वालीफायर मैच के लिए कतर कि सीनियर टीम से खेलने को चुना गया। तहसील ने इस मैच में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। और सभी का दिल पूरी तरह से जीत लिया। अपना बेहतरीन फुटबॉल खेल और छुपा हुआ टैलेंट सभी को दिखाया।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में चयन
इस साल 2026 में भारतीय फुटबॉलर इतिहास के पन्नों पर अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। जब कतर के बेहतरीन कोच ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी अंतिम 26 प्लेयर का चयन किया। उसमें तहशीन मोहम्मद जमशीद का नाम विंगर के रूप में शामिल हुआ था।
यह खबर आते ही भारत, में खासकर केरल के सभी वासियों ने खूब नाचा और एक साथ जश्न मनाया। तथा सभी घरों पर मिठाइयां भी बाटी। इतिहास में पहली बार भारतीय प्लेयर फीफा वर्ल्ड कप में चयन हुआ। भारत के लोगों ने उनके परिवार वालों की बहुत प्रशंसा किया। अब यह सभी बड़े-बड़े खिलाड़ियो के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खेल रहे हैं।
निष्कर्ष युवाओं के लिए सही प्रेरणा
तहसीन मोहम्मद जमशीद की कहानी से हमें यह शिक्षक प्राप्त होता है। कि अगर आप सही दिशा में और कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हैं। तब आपको कोई भी काम नामुमकिन नहीं लगेगा। आप उसे जरूर पूरी कर सकते हैं।
कतर के रेगिस्तान से निकलकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के हरे भरे मैदान तक का उनका सफर आने वाले लाखों लोगों को एक बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। फीफा वर्ल्ड कप की जर्सी पहनकर मैदान में उतरना सभी भारत वासियों का सापन सच होने जैसा हैं।
FAQ
तहशीन मोहम्मद जमशीद कौन है
तहशीन मोहम्मद जमशीद भारतीय मूल के एक युवा फुटबॉलर प्लेयर है। जो कतर की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इनका चयन हुआ।
तहशीन जमशीद भारत में कहा के रहने वाले है
भारत के केरल राज्य के कन्नूर जिले (Thalassery) से है।
तहशीन जमशीद ने फुटबॉल खेलना कब से शुरू किया
करीब यह चार से पांच साल की उम्र से फुटबॉल खेलना शुरू किया।
इनकी कुल नेटवर्थ कितनी है
लगभग एक से डेढ़ करोड़ रुपए तक आकी गई है।
तहशीन जमशीद की जर्सी नंबर कितना है?
जर्सी नंबर 81 है यह इनका लकी नंबर है।
यह किस टीम से खेलते है?
यह कतर के स्टार्स अल- दुहैल एससी (AL – Duhail SC) कि टीम से खेलते हैं।
महत्वपूर्ण बातें
तहशीन जमशीद अपने परिवार पर बहुत भरोसा करते हैं। और उनसे बहुत प्यार भी किया करते है।